Thursday, 15 November 2012

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सौ करोड़ से ज़्यादा में बिका गोलकुंडा का हीरा

----सौ करोड़ से ज़्यादा में बिका गोलकुंडा का हीरा----

आर्चड्यूक जोसफ़ नाम का 76 कैरट का ये हीरा दुनिया के सबसे ख़ूबसूरत हीरों में से एक है. इसे एक 'पर्फेक्ट डायमंड' या पूरी तरह दोषरहित हीरा माना जाता है.


जेनेवा के क्रिस्टीज़ नीलामीघर ने इ
स हीरे को एक बेनाम ख़रीदार को बेचा है.

जिस कीमत पर आर्चड्यूक जोसफ़ अब बिका है वो इसके एक करोड़ पांच लाख डॉलर की अनुमानित कीमत से कहीं ज़्यादा है. इससे पहले वर्ष 1993 में ये हीरा 65 लाख डॉलर में बिका था.

क्रिस्टीज़ के अंतरराष्ट्रीय जवाहरात विभाग के निदेशक, फ़्रांसुआ कुरियल ने पत्रकारों को बताया, "गोलकुंडा खान से निकलने वाले किसी भी हीरे की ये विश्व रिकॉर्ड कीमत है. साथ ही ये बिना रंग के हीरे की प्रति कैरट कीमत का भी विश्व रिकॉर्ड है."

-----इतिहास-------

इस हीरे का इतिहास भी है.

ये उसी प्राचीन गोलकुंडा खान से निकला है जिससे मशहूर कोहीनूर और ब्लू होप हीरा निकला है. इसका नाम ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक जोसफ़ ऑगस्ट के नाम पर रखा गया है जो हंगरी की हैप्सबर्ग राजघराने के एक राजकुमार थे. कहा जाता है कि जोसफ़ ऑगस्ट ने इस हीरे को 1933 में एक बैंक में रखा था.

क्रिस्टीज़ के मुताबिक, "तीन साल बाद इस हीरे को एक यूरोपीय बैंकर को बेच दिया गया और इसे फ्रांस में एक सेफ़ डिपोज़िट बॉक्स में रखा गया था. अच्छी बात ये है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ये ऐसे ही लोगों की नज़रों से छिपा रहा."

दशकों बाद आर्चड्यूक जोसफ़ हीरा पहले वर्ष 1961 में एक नीलामी में और फिर नवंबर 1993 में क्रिस्टीज़ की एक नीलामी में सामने आया.

Friday, 2 November 2012

--अपनी शादी को लेकर चुप क्यों है मोदी- दिग्विजय सिंह---

--अपनी शादी को लेकर चुप क्यों है मोदी- दिग्विजय सिंह---


शिमला। केंद्रयी मंत्री शशि थरूर पर मोदी के ‘50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ संबंधी टिप्पणी पर विवाद को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उस समय और बढ़ा दिया जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से वैवाहिक स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मोदी की आलोचना करते हुए कांग्रेस महासचिव ने उनसे उनकी पत्नी यशोदा बेन के बारे में पूछा और थरूर के उस बयान का बचाव किया कि भाजपा नेता किसी महिला को प्यार करना नहीं जानते हैं। 
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पत्नी के नाम पर मोदी चुप क्यों है?

अगर आप यू ट्यूब पर जायेंगे और मोदी की पत्नी का नाम तलाशेंगे तब, आपको उनकी पत्नी का नाम यशोदा बेन मिलेगा।’’उन्होंने पूछा कि उनकी वैवाहिक स्थिति का कोष्ठक हमेशा खाली क्यों रहता है।
कांग्रेस महासचिव ने पूछा, ‘‘ मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने यशोदा बेन से विवाह किया है।
वह उनके साथ क्यों नहीं रहते और वैवाहिक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की हैं।’’
सिंह ने दावा किया कि वह व्यक्तिगत आक्षेप नहीं लगाते है, लेकिन मोदी ने थरूर की पत्नी को निशाना बनाया, इसलिए मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा।

हिंदुत्ववादी ताकतें फिर तैयार करने लगीं दंगों की जमीन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की तैयारी नए सिरे से शुरू हो गई है। दशहरा, दुर्गा पूजा और बकरीद निकल गई और फैजाबाद को छोड़ दूसरा कोई जिला प्रभावित नहीं हुआ पर जिस तरह पुलिस प्रशासन  फैजाबाद में दंगों से निपटा अगर वह किसी और जिले में दोहराया गया तो हालात बेकाबू होंगे। फैजाबाद के बाद अब बारी गोरखपुर, बस्ती, मऊ, आजमगढ़ और सिद्धार्थ नगर जैसे पूर्वांचल के कई जिलों की है। भड़काने वाली भाषा बोली जा रही है।
पूर्वांचल में हिंदुत्ववादी ताकतें खुल कर सामने आ रही हैं। ये ताकतें अब चुनावी दंगों की तैयारी में हैं। फैजाबाद में इन्ही ताकतों ने माहौल बिगाड़ा और आगे भी तैयारी है। फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दौरान लगातार नारा लगता रहा-अब भी जिस हिंदू का खून न खौला, खून नहीं वह पानी है। 24 सितंबर को चार बजे रुदौली में हिंसा होती है तो छह बजे फैजाबाद, आठ बजे भदरसा, नौ बजे शाहगंज और बारह बजे टिपरी में हिंसा हो जाती है।
फैजाबाद में जो दंगा हुआ उसके पीछे स्थानीय हिंदुत्ववादी वे ताकतें थीं, जो विधानसभा चुनाव हार गई थीं पर दंगा अगर फैला, तो उसके लिए सीधे सीधे पुलिस प्रशासन का शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार है। क्योंकि जब समूचे फैजाबाद को यह पता था कि शहर में दंगे की तैयारी है, तब सिर्फ जिले के कलक्टर और एसएसपी को यह जानकारी नहीं थी। जब दंगों में दुकानें जलाई जा रही थी, तब दो दमकलों में से  एक से पानी ही नहीं निकला तो दूसरी का पानी खत्म हो गया। वह जो पानी लेने गर्इं, तो लौट के नहीं आई।
यह बानगी है उस जिले की जो राज्य का सबसे संवेदनशील जिला है। यहां जिस तरह दंगाइयों ने पहले काली प्रतिमा की चोरी को लेकर माहौल बनाया और फिर मूर्ति मिल जाने के बाद भी दंगों की तैयारी की, उससे इन दंगों की राजनीति को आसानी से समझा जा सकता है। अयोध्या से पांच बार विधायक रहे लल्लू सिंह विधानसभा का पिछला चुनाव हार चुके हैं जो 1991 से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। यह एक बड़ा झटका रहा और फिर सामने 2014 का लोकसभा चुनाव है।
फैजाबाद से त्रियुग नारायण तिवारी के मुताबिक फैजाबाद का दंगा राजनीतिक
ज्यादा रहा है, जिसमें यहां के नेताओं की बड़ी भूमिका रही है। भाजपा के एक विधायक रामचंद्र यादव के खिलाफ इस सिलसिले में मामला भी दर्ज हुआ। समूचे दुर्गा पूजा के दौरान दंगों का माहौल बनाया गया। उत्तेजक नारे लगे। योगी आदित्यनाथ के कैसेट चलाए। पेट्रोल जमा किया गया। दुकानें चिह्नित की गई ताकि उन्हें लूटने में आसानी हो पर जिला प्रशासन इन सबसे बेखबर था ।
इससे पहले सांप्रदायिक हिंसा की जो घटनाएं हुर्इं, उनमें जून में मुजफ्फरनगर, कोसीकलां (मथुरा) के बाद प्रतापगढ़ के अस्थाना गांव में एक दलित बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हुई हत्या से माहौल बिगड़ा। गुरुवार को तो भाजपा ने बाकायदा सूची जारी कर इसका ब्योरा दिया। भाजपा की खुद क्या भूमिका रही है, इस पर भी गौर करना चाहिए। बहरहाल, इसके बाद बरेली, गाजियाबाद, कानपुर और इलाहाबाद आदि का नाम लिया गया है पर भाजपा ने इस सब की जो वजह बताई है उससे भी उसकी नीयत पर सवाल उठता है।
पार्टी के मुताबिक आतंकवादियों को छोड़ने की कार्रवाई शुरू करना, बुनकरों के बिजली बिल माफ करना, रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने का संकल्प व्यक्त करने के साथ वर्ग विशेष की छात्राओं को 30 हजार की आर्थिक सहायता आदि के कारण यह परिस्थिति पैदा हो गई है। भाजपा के इन आरोपों से साफ है कि वह अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बनाने के प्रयास में है। पूर्वांचल में शुरुआत हो गई है।






सिद्धार्थ नगर से विनयकांत मिश्र के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर आग उगलना शुरू कर दिया है। सिद्धार्थनगर जनपद में हियुवा के जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने धरने के दौरान कहा कि यदि सरकार ने गोकसी पर प्रतिबंध नहीं लगाया, तो आप पुलिस को बिना सूचना दिए हुए मस्जिदों के सामने सूअर काट दें। भारत-नेपाल सीमा पर सिद्धार्थनगर जनपद में दो दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के विधानसभा क्षेत्र इटवा के मुख्य चौराहे पर दिनदहाड़े गोकसी की घटना से हियुवा के कार्यकर्ता गुस्से में थे। उनका कहना था कि जब विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो पूरे राज्य की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।